दिल्ली सुखनवरों का है मरकज़ मगर मियां, उर्दू के कुछ चिराग़ तो पंजाब में भी हैं - जतिन्दर परवाज़

शनिवार, जनवरी 09, 2010

ग़ज़ल लेखन प्रतियोगिता में जतिन्दर परवाज़ को प्रथम पुरस्कार

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ग़ज़ल लेखन प्रतियोगिता में जतिन्दर परवाज़ को प्रथम पुरस्कार


http://hindi-khabar।hindyugm.com/2010/01/jatinder-parwaz-gets-first-prize-ghazal.html

4 टिप्‍पणियां:

सुलभ 'सतरंगी' ने कहा…

जतिंदर जी
बहुत बधाई आपको.

एक रिपोर्ट देखें....
http://sulabhpatra.blogspot.com/2010/01/ek-report.html

- सुलभ

बेनामी ने कहा…

जतिन्दर परवाज़ जी को बहुत बहुत बधाई । आशीर्वाद
निर्मला कपिला

गौतम राजरिशी ने कहा…

खबर पहले ही सुन ली थी जतिन्दर भाई। दिल से बधाई और दुआ कि आप ग़ज़ल की दुनिया के सिरमौर बनें!

Dipak 'Mashal' ने कहा…

bahut bahut badhai mere dost, mere bhai...
Jai Hind